बाड़मेर में रूमा देवी का भव्य ‘वाणी उत्सव’: बाखासर रण में गूंजेंगे लोक सुर, लाखों के पुरस्कार, जानिए पूरा कार्यक्रम

राजस्थान के बाड़मेर जिले की शान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकीं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रूमा देवी एक बार फिर मारवाड़ की लोक संस्कृति को संजोने और बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक कार्यक्रम लेकर आ रही हैं।

रूमा देवी फाउंडेशन के तत्वावधान में तीन दिवसीय “वाणी उत्सव” और “दानजी भजनी पुरस्कार” का भव्य आयोजन होने जा रहा है।

इस बार यह कार्यक्रम केवल सुरों का संगम नहीं है, बल्कि भजन गायकों को लाखों रुपये की लागत वाली ‘वीणा’ और विशेष पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जाएगा।

बाखासर के रण से लेकर जसदेर धाम तक गूंजेगी वीणा

इस वर्ष का ‘वाणी उत्सव’ तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें स्थानीय और देशभर के प्रसिद्ध भजन गायक अपनी प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम को दो अलग-अलग ऐतिहासिक और रमणीय स्थानों पर आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा:

  • पहला दिन (बाखासर रण): 26 मार्च 2026 को शाम 4 बजे से रात 11 बजे तक बाखासर के समतल और विशाल सफेद रण (कच्छ के रण की तर्ज पर) में इस उत्सव का शानदार आगाज होगा।
  • दूसरा और तीसरा दिन (जसदेर धाम): 29 और 30 मार्च 2026 को बाड़मेर शहर के ऐतिहासिक जसदेर तालाब (धाम) पर सुरों की यह महफिल सजेगी।

कौन-कौन से कलाकार देंगे प्रस्तुति?

इस तीन दिवसीय महासंगम में राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश सहित देश के कई हिस्सों से 40 से अधिक सुप्रसिद्ध भजन गायक आ रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से:

  • कच्छ के मुरालाला मारवाड़ा
  • केलम दरिया
  • कविता पोटलिया सहित कई अन्य दिग्गज कलाकार अपनी अमर वाणियों और वीणा की मधुर धुन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।

यह भी पढ़े – भगत सिंह को फांसी दिलाने वाले 5 मुखबिर कौन थे? इतिहास का वो सच जो छुपाया गया

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

यह आयोजन सिर्फ एक सांस्कृतिक उत्सव तक सीमित नहीं है। डॉ. रूमा देवी का विजन बाखासर के सफेद रण को पर्यटन के विश्व मानचित्र पर स्थापित करना है।

लूनी नदी का विलय क्षेत्र, साइबेरियाई पक्षियों का आगमन, इंडो-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा और प्राचीन खोडियार व कांधी हनुमान मंदिर इस क्षेत्र को विशेष बनाते हैं। भविष्य में इस क्षेत्र को एक ‘ड्राई पोर्ट हब’ (उद्योग व रोजगार) के रूप में विकसित करने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

National People Voice आप सभी बाड़मेर वासियों और प्रदेशवासियों से अपील करता है कि हमारी लोक संस्कृति के इस अनूठे ‘रण और राग’ के संगम का हिस्सा जरूर बनें और सपरिवार पधारें।

Leave a Comment