एक सार्वजनिक संबोधन के दौरान मानवेन्द्र सिंह जसोल। (फाइल फोटो)
जोधपुर | NationalPeopleVoice.com
राजस्थान की राजनीति से जुड़े नाम मानवेन्द्र सिंह जसोल को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। इन चर्चाओं का केंद्र उनकी कथित दूसरी शादी और उससे जुड़े पारिवारिक विवाद को लेकर बताया जा रहा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि NationalPeopleVoice.com नहीं करता है ।
दूसरी शादी को लेकर क्या हैं चर्चाएं
स्थानीय स्तर पर चल रही चर्चाओं के अनुसार, मानवेन्द्र सिंह जसोल ने कथित तौर पर दूसरी शादी कर ली है और बताया जा रहा है कि वे उस महिला को सामाजिक और पारिवारिक स्वीकार्यता दिलाना चाहते हैं।
हालांकि इस संबंध में परिवार की ओर से आधिकारिक सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन कुछ सूत्रों का दावा है कि परिवार के भीतर इस मुद्दे को लेकर मतभेद पैदा हो गए हैं।
बेटे के विवाह समारोह में भी उठी थी चर्चा
सूत्रों के अनुसार हाल ही में मानवेन्द्र सिंह जसोल के पुत्र के विवाह समारोह के दौरान भी यह मुद्दा चर्चा में आया था। बताया जाता है कि समारोह के दौरान वे कथित तौर पर उस महिला के साथ पहुंचे थे, जिस पर परिवार के कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई।
हालांकि समारोह के दौरान स्थिति को संभाल लिया गया और विवाद सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया।
होली के दिन विवाद बढ़ने का दावा
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि होली के दिन जोधपुर स्थित निवास पर एक पारिवारिक विवाद हुआ, जिसके बाद यह मामला अधिक चर्चा में आ गया।
बताया जाता है कि इस दौरान परिवार के कई सदस्य एकत्रित हुए और कथित तौर पर उस महिला को घर से बाहर जाने के लिए कहा गया।
पुलिस में शिकायत की भी चर्चा
कुछ स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विवाद के बाद संबंधित महिला द्वारा जोधपुर के महामंदिर थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की गई थी। हालांकि पुलिस की ओर से इस मामले में आधिकारिक रूप से कोई पुष्टि नहीं की गई है।
प्रशासनिक स्तर तक पहुंचने की भी बात
चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि यह मामला राज्य के प्रशासनिक स्तर तक पहुंचा और वरिष्ठ अधिकारियों से भी संपर्क किया गया। हालांकि इस संबंध में भी किसी अधिकारी की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
परिवार के अलग रुख की चर्चा
राजनीतिक हलकों में यह भी कहा जा रहा है कि परिवार के वरिष्ठ सदस्यों ने इस मामले में अपनी असहमति जताई है। कुछ सूत्रों का दावा है कि परिवार की ओर से पारंपरिक और सामाजिक मर्यादाओं का हवाला दिया गया है।
हालांकि इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
अभी तक नहीं आया आधिकारिक बयान
इस पूरे मामले को लेकर अभी तक मानवेन्द्र सिंह जसोल या उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इस कारण से सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं की सत्यता की पुष्टि करना संभव नहीं है।
FIR मामला
एक युवक ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि एक प्रभावशाली व्यक्ति और उसकी टीम से उसे जान का खतरा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता सुखपाल चारण (निवासी: चारणों की ढाणी, गडरारोड, गिराब, बाड़मेर) ने पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत 2 जनवरी 2026 को दर्ज की गई। शिकायत में युवक ने आरोप लगाया है कि मानवेन्द्र सिंह जसोल की ओर से उसे जान से मारने या हमला करवाने का खतरा है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने सामाजिक और वैचारिक मुद्दों पर अपनी राय सार्वजनिक की थी। इसके बाद से उसे लगातार डर और दबाव का सामना करना पड़ रहा है। युवक का दावा है कि उसने राजपूत और चारण समाज से जुड़े एक सामाजिक विषय पर अपना पक्ष रखा था, जिसके बाद विवाद पैदा हुआ।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि अगर उसके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति और उनकी कथित टीम की होगी। शिकायतकर्ता ने पुलिस प्रशासन और उच्च अधिकारियों से अपनी सुरक्षा की मांग भी की है।
FIR के अनुसार शिकायतकर्ता– “मुझे मानवेंद्र सिंह जसोल किसी अपनी टीम के ज़रिए हत्या मारपीट करवा सकता है। सामाजिक क़ानून के तहत मैंने उनका विरोध किया है। चारण समाज की लड़की के साथ विवाह रूपी घटनाक्रम के फोटो मिलने के बाद आजतक रामायण महाभारत से जुड़े विषय पर कोई राजपूत राजा से लेकर मुगल शासन और अग्रेजी शासन से आजतक किसी राजा की बराबरी के आदमी ने चारण लड़की से अवैध संबंध नहीं हुए इसलिए मैंने राष्ट्रीय देवीपुत्र सेना के तत्वाधान में विरोध राजपूत समाज तक पहुंचाया इसलिए वो मेरे पर जूठे केश करने लगे घर पर पुलिस भेजी धमकाने का प्रयास हुआ फैमिली को। पुलिस अधीक्षक खुद मेरे विपरीत ग़लत भावना रखकर थाने के स्टाफ पर दबाव बनाकर मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है। इसलिए मानवाधिकारी और स्वत्वंत्र जीवन सामाजिक नेतृत्व में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।”

इसमें शिकायतकर्ता चारण समाज से हैं उनका कहना है-पौराणिक व ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर चारण समाज व राजपूत समाज का भाई- बहिन का रिश्ता होता हैं इस रिश्ते को कभी भी, किसी काल में कोई तोड़ नहीं पाया है चारण-राजपूत के आपस में शादी को लेकर रिश्ते नहीं हो सकते। नीरजा सिंह चारण और मानवेंद्र सिंह जसोल के आपस में रिश्ता है जो सामाजिक रूप से स्वीकार्य नहीं है
चारण समाज व राजपूत समाज के आपस में शादी के रिश्ते क्यों नहीं होते?
राजस्थान में राजपूत समाज और चारण समाज दोनों ऐतिहासिक रूप से बहुत जुड़े हुए रहे हैं, लेकिन पारंपरिक रूप से इनके बीच विवाह कम या लगभग नहीं होता। इसके पीछे पौराणिक, सामाजिक और ऐतिहासिक कारण बताए जाते हैं।
पौराणिक कारण
लोक परंपराओं में एक मान्यता है कि चारण समाज को देवी शक्ति का पुत्र माना जाता है।
कहा जाता है कि माता ने चारणों को अपना वंश माना और उन्हें धर्म, सत्य और राजाओं की रक्षा का कार्य दिया।
राजपूत राजाओं ने चारणों को गुरु, कवि और कुल-इतिहास लिखने वाला माना। इसलिए उन्हें आदर से “माँ-बहन समान” मानने की परंपरा बनी।
इसी वजह से विवाह संबंध को अनुचित माना गया।
ऐतिहासिक कारण
मध्यकालीन राजस्थान में चारणों की भूमिका विशेष थी: वे राजपूत राजाओं के राजकवि और इतिहासकार होते थे। युद्ध में सेना का मनोबल बढ़ाते थे। राजपूत राजाओं की वंशावली (genealogy) लिखते थे।
ऐसे में उनका स्थान परिवार के सम्मानित संरक्षक जैसा माना जाता था, इसलिए विवाह संबंध नहीं बनाए गए।
सामाजिक कारण
समय के साथ यह परंपरा एक सामाजिक नियम बन गई।राजपूत समाज को क्षत्रिय योद्धा वर्ग माना गया,चारण समाज को कवि-इतिहासकार और देवी भक्त समुदाय
दोनों के अलग सामाजिक कर्तव्य होने के कारण विवाह परंपरा नहीं बनी।
“त्रागड़ी” परंपरा–
चारण समाज में एक परंपरा थी जिसे त्रागड़ी (आत्मबलिदान की चेतावनी) कहा जाता था।
अगर किसी राजा ने अन्याय किया तो चारण अपने शरीर को हानि पहुँचाकर विरोध करते थे। इससे राजाओं पर नैतिक दबाव पड़ता था।
इस वजह से भी चारणों का स्थान राजपूतों के बीच नैतिक संरक्षक जैसा हो गया।
राजपूत और चारण समाज में विवाह न होने का मुख्य कारण पौराणिक मान्यता, सामाजिक भूमिका और परंपरागत सम्मान का रिश्ता है—जहाँ चारणों को देवी के वंश और राजपूतों के संरक्षक/गुरु जैसा माना गया।
डिस्क्लेमर– यह समाचार विभिन्न स्रोतों और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के आधार पर तैयार किया गया है। NationalPeopleVoice.com इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। पाठकों से अनुरोध है कि आधिकारिक बयान या प्रमाणित जानकारी का इंतजार करें।
