​Sonam Wangchuk Released: NSA हिरासत रद्द, 170 दिन, जोधपुर जेल– गिरफ्तारी से लेकर रिहाई तक पूरी कहानी

सोनम वांगचुक NSA केस: 170 दिन बाद रिहाई का रास्ता साफ

केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। गृह मंत्रालय ने कहा कि यह निर्णय शांति और संवाद का माहौल बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

इस फैसले के बाद अब वे जल्द ही जेल से रिहा होंगे।

👤 कौन हैं सोनम वांगचुक

  • लद्दाख के प्रसिद्ध क्लाइमेट एक्टिविस्ट, इनोवेटर और एजुकेशन रिफॉर्मर
  • SECMOL (Students’ Educational and Cultural Movement of Ladakh) से जुड़े
  • “Ice Stupa” जैसे जल संरक्षण नवाचारों के लिए प्रसिद्ध
  • 2018 में Ramon Magsaysay Award विजेता
  • फिल्म 3 Idiots के किरदार “फुंसुख वांगडू” की प्रेरणा माने जाते हैं

उन्होंने लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची (Sixth Schedule) संरक्षण दिलाने के लिए लंबे समय से आंदोलन किया।

कब और क्यों हुई गिरफ्तारी

  • 24 सितंबर 2025 को लद्दाख के लेह में राज्य के दर्जे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ
  • प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें 4 लोगों की मौत और कई घायल हुए
  • प्रशासन ने आरोप लगाया कि वांगचुक के भाषणों से भीड़ भड़की
  • इसके बाद 26 सितंबर 2025 को जिला मजिस्ट्रेट, लेह के आदेश पर उन्हें NSA में हिरासत में लिया गया

सरकार ने कहा कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया था।

🏛️ कहाँ रखा गया था

  • गिरफ्तारी के बाद उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल (राजस्थान) शिफ्ट किया गया
  • वे लगभग 6 महीने / करीब 170 दिन तक वहीं बंद रहे
  • NSA के तहत अधिकतम 12 महीने तक बिना ट्रायल हिरासत संभव है

⚖️ सुप्रीम कोर्ट और कानूनी लड़ाई

  • उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने हैबियस कॉर्पस याचिका दायर की
  • सुप्रीम कोर्ट में कई बार सुनवाई टली
  • अगली सुनवाई 17 मार्च तय थी
  • अदालत ने हिरासत के आधार और भाषणों की व्याख्या पर सवाल भी उठाए

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📊 सरकार ने हिरासत क्यों रद्द की

गृह मंत्रालय के अनुसार:
✅ वांगचुक NSA की अधिकतम अवधि का लगभग आधा समय जेल में रह चुके
✅ लद्दाख में शांति और संवाद का माहौल बनाना जरूरी
 ✅ लगातार बंद-हड़ताल और आंदोलन से

  • छात्रों
  • नौकरी अभ्यर्थियों
  • व्यापार
  • पर्यटन
    पर असर पड़ रहा था

इसीलिए हिरासत समाप्त करने का फैसला लिया गया।

🪧 देशभर में समर्थन और विरोध

  • उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ कई जगह प्रदर्शन हुए
  • जोधपुर में भी रिहाई की मांग को लेकर मार्च निकाला गया

👉 170 दिन जेल में रहने के बाद सोनम वांगचुक की NSA हिरासत खत्म
👉 लद्दाख आंदोलन से जुड़ा था मामला
👉 सुप्रीम कोर्ट में याचिका लंबित
👉 सरकार ने शांति और संवाद के लिए लिया फैसला
👉 अब जल्द रिहाई

यह फैसला लद्दाख आंदोलन, नागरिक अधिकार और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के उपयोग पर नई बहस को जन्म दे सकता है। आने वाले दिनों में वांगचुक की रिहाई के बाद क्षेत्रीय राजनीति और आंदोलन की दिशा पर असर देखने को मिल सकता है।

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